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आज का फल कल।

 जीवन का सार हैं आज का फल कल। यदि आपके परिवार में कोई किसी ने आपके जन्म से पहले आम लगा  दिया था तब आप उम्र के जल्दी पड़ाव पर आम कहा सकते हैं।

बेटो को पिता से शिकायत नही होनी चाहिए। क्योंकि दादा का किया बेटो को मिलता हैं।
यानी एक बात पक्की हैं कि आज यदि कोई कर्म करोगे तो उसका फल आने वाले भविष्य में मिलेगा। किसी भी विशेष कार्य का फल कभी हाथों हाथ नही मिलता। अच्छे और लजीज भोजन का फल काफी समय के धैर्य व मेहनत के बाद मिलता हैं।
जबकि साधारण दैनिक और रोज बनने वाला खाना तो हम रोज खाते हैं। जिसमे ज्यादा कोई मेहनत नही पड़ती। लेकिन जब ज्यादा मेहनत नही होगी तो समझो उसका परिणाम भी साधारण होगा।
यदि आप किसी विशेष कर्म को कर रहे हो तो आम लोगो को आपके विशेष कर्म की रूपरेखा थोड़े ही पता हैं। न ही आम आदमी का दिमाग आपके कच्चे योजना चित्र को आम आदमी समझ नही पायेगा।
अतः इसीलिए आम आदमी आपकी योजना और समय से आगे की सोच को समझ नही पायेगा।
जीवन मे सदा बड़े कर्म का परिणाम देर से मिलता हैं। जीवन मे यदि कोई विशेष कर्म करने का विचार हैं तो सबसे पहले यह सोचना जरूरी हैं कि आपको दुनिया के ताने और दुनिया के तिरिस्कार पूर्ण शब्दो को आपके कानो में झेलना पड़ेगा।
जीवन का सार हैं कि जितने भी महापुरुष या विद्वान या दुनिया से हटकर कुछ यदि सोचा गया है तो यह तो निश्चित हैं। कि दुनिया तो जब तक आपके कर्म का मूर्त रूप नही देखगी तब तक यही कहेगी की आपने क्या किया या आप फालतू समय खराब कर रहे हैं। या आप मूर्ख हो या आप शायद दुनिया से पीछे हो या आप दुनिया मे रहने लायक नही हो। क्योकि पायलट की सोच एक पैदल सिपाही की थोड़े ही होगी।
पैदल सिपाही से यदि पायलट क्यो हवाई चर्चा करेगा तो सिपाही तो यही कहेगा कि आपका प्रयास या सोच गलत हैं। आपके नीचे गिरने के चांस ज्यादा हैं। क्योंकि सिपाही का काम ही नीचे जमीन से ज्यादा पड़ता हैं। तो आत्म विश्वास भी निचले दर्जे का रहेगा।
दुनिया मे सबकुछ सामने और यही धरती पर ही है लेकिन कोई कलेक्टर बनाता हैं। कोई खेल को टाइम पास मानता हैं तो कोई खेल को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा और कर्म मानता हैं।
इसी लिए किसी ने सही कहा हैं कि जैसे विचार आपके हैं वैसी ही संगत और सोसाइटी में उठ बैठा होनी चाहिए।
यदि आप किसान हो और बनियो की संगत में हो तो आप न किसान बनेंगे न ही बनिया। क्योकि आपको दोनों माहौल में फंस कर अपना जीवन बेकार करना पड़ेगा।
जीवन का सार यही हैं कि आप जो कर्म कर रहे हो उसका सही या गलत का निर्णय उसी कर्म से जुड़े बुजुर्ग व्यक्ति ही बता सकता हैं। जो पहले उस कर्म को करके जी चुका हैं।
जीवन का सबसे बड़ा सच है कि यदि आपका जीवन या कर्म सबसे हटकर हुआ तो फिर आपकी खेर नही। दुनिया कैसे भी करके आपके कर्म को तोड़ना चाहेगी। दुनिया आपके परिवार में सेंध लगाकर कैसे भी जीवन की योजना या कर्म की गति या मति या योजना को तोड़ना चाहेगी।
जीवन मे सदा महान कर्मो को गुप्त करना जरूरी हैं। साथ ही आम लोगो या दोस्तो से आप जूठी उम्मीद लगाना छोड़ दें ताकि जीवन के विशेष और महान कर्मो को आप भली भांति पूर्ण कर सके।
जीवन मे सदा याद रखना की विशेष कर्म के बिना विशेष फल नही मिलते।
यदि आप अपने जीवन मे विशेष कर्म के लिए जीवन पर्यंत कर्म के साथ साथ दुनिया से लड़ते रहोगे। लेकिन जिस दिन आपका कर्म सफल हो जाएगा वही दुनिया आपको सबसे नजदीक रिस्तेदार और सबसे खास दोस्त से परिचय करवाएगी। जो कल तक आपके बारे में बुरे और गैर तरीक़े के स्टेटमेंट देते थे वही अब समय के मुताबिक आपके साथ खड़े मिलेंगे।
जीवन का यही सार हैं। की जीवन मे सबसे अहम क्या हैं आपके लिए वही केंद में रखे बाकी तमाम दुनिया दरी को एक बार छोड़ दे ताकि आप अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित कर सको।
नोकरी करने और व्यापार करने में या खेती में इतना ही फर्क हैं कि अनुभवों और बुजुर्गो का  साथ मिलता हैं। आज आप देख लो बनिये समाज का अनुभव अपने परिवारों को हजारो सालो से मिलता हैं। किसान को अपने परिवार और बुजुर्गो का अनुभव का फल सदैव मिलता हैं क्योंकि वही खेत वही धान और वही कार्य और वही सबकुछ।
लेकिन नोकरी एक ऐसा कार्य है कि करने वाले स्वयं का पता नही। की कब निकाला जायेगा। तो समझो परिवार या आने वाली पीढ़ी का क्या भला होगा। नोकरी सिर्फ आज का जरिया है। 
कर्म ऐसा करो कि आज भले संघर्ष में बीत रहा हैं लेकिन कल सदैव उत्तम होना चाहिये। कल आप नही रहोगे तो आपके कर्मों का फल आपके जाने के बाद भी मिलेगा।
सरकारी नोकरी की पेंशन एक आदमी के जाने के बाद परिवार को चलाने का जरिया जरूर हैं लेकिन उसका भी कोई विशेष योगदान नही रहता आटा दाल तक ही सीमित होता हैं। जोकि विशेष पदों पर हो तो नही तो निम्न पदों पर रहकर कोई विशेष की आशा नही की जा सकता।
लेकिन यदि आपने जीवन के विशेष कर्म जिसमे सबीक्षा6 और व्यापार या कोई विशेष क्षेत्र का कर्म यदि दिल से किया हैं या कर रहे हो तो समझो आपको जीवन मे सफल होने से कोई नही रोक सकता। 
जीवन मे सदा उच्च विचारो के साथ उच्च कर्म करते रहो। सघर्ष के बादल एक दिन छंट जाएंगे। 

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