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ऊंचाई के रास्तो पर निचेल रास्तो से ज्यादा समय लगता है।

 दोस्तो, क्या कभी आपने सोचा है कि छोटे या बड़े या विशेष या साधारण शब्दो के पीछे छुपे मुख्य सार क्या हैं। क्या कभी आपने यह सोचने और समझने की कोशिश की हैं कि किसी भी व्यक्ति या वस्तु की मांग और कीमत क्विलटी पर क्यो निर्भर हैं क्विलटी क्या हैं। कीमत क्विलिटी पर निर्भर क्यो है।

क्विलटी स्वयं क्या हैं। ऐसा क्या हैं कि क्विलटी किसी भी व्यक्ति,वस्तु या किसी भी कार्य मे विशेष शब्द जोड़ देती हैं। 
ऐसा क्या हैं कि क्विलटी को कई पायदानों में बांटा गया हैं। ऐसा क्या हैं कि व्यक्ति से लेकर वस्तु या किसी भी प्रकार के विचार से लेकर संसार मे सबकुछ क्विलटी पर डिपेंड हैं। 
ऐसा क्या हैं जो किसी व्यक्ति,वस्तु या विचार या कर्म को अलग अलग कीमत में परिभाषित करता हैं।
क्या कभी आपने सोचा हैं कि डिस्कवरी चैनल के सभी कार्यक्रम महंगे क्यो हैं। क्यो बड़े आदमी की वैल्यू ज्यादा होती हैं।
क्या सफलता से तय होता है। निर्माण से लेकर अन्य पहलुओं पर अगर नजर डाले तो हम एक विचार ले नजदीक पहुचेंगे की सबसे ज्यादा समय जिस वस्तु,व्यक्ति या विचार को बनने और बनाने में लगता हैं जिसमे कई अन्य मिश्रणों की तव्वजो होती है। उसका मार्केट वैल्यू ज्यादा होती हैं।
फ़ास्ट फ़ूड कभी लजीज खाना या किसी पार्टी की रौनक का मुख्य हिस्सा नही बन सकता। क्यों क्योकि मुख्य खाने में जिन व्यंजनों को तैयार करने की कटाई में जितना समय लगेगा उतना तो फ़ास्ट फ़ूड बन जाएगा। मतलब समय कम लगा।
इंसान के बच्चे से ज्यादा हथनी का बच्चा ज्यादा समय तक माँ के गर्भ में रहता हैं समय ज्यादा लगना। 
अब यह बात अलग हैं कि ज्यादा समय लगने से जीवन का बहुत सा समय दुख और तकलीफ में बीत जाता हैं।

लेकिन मैं जब भी डिस्कवरी के कार्यकर्म देखता हूँ तो सोचता हूँ कि कभी कभी वाइल्ड शूटिंग या पशुओं के साथ पक्षियों के व अन्य पानी मे रहने वाले कंटेंट जब शूट किए जाते हैं तो घण्टो और दिनों और महीनों एक लोकेशन एक एंगल और बिना कुछ खाए पिये एक पत्थर बनकर हमारे लिए बेहतर कंटेंट बनाते हैं इसलिए डिस्कवरी प्रोग्राम की वैल्यू ज्यादा हैं।
कारण समय का ज्यादा लगना। 
यह लेख उन लोगो के लिए डेडिक्टे हैं जिनको जीवन के लंबे समय के बाद सफलता मिली और किसी को नही मिली। तो मैं यह कहना चाहता हूँ लगे रहो। प्रत्येक असफलता के बाद एक नया प्रयास और पॉजिटिव सोचो कि जितना लंबा संघर्ष उतनी ज्यादा सफलता की चमक।
लेकिन एक बात याद रखना की आप जो भी समय जिस भी विषय या कर्म को दे रहे हो वो सच्चा होना चाहिए। अपने आपको धोखे में मत रखना यही सच है। 
आपका यदि कर्म बेहतर उद्देश्य और सच्चे मन व विचारो से किया जा रहा हैं तो मेरा दावा हैं कि आपका समय भले ज्यादा लगे लेकिन धीरज अर्थात धैर्य का फल मीठा होता है। सब्र का फल मीठा होता हैं। मैं इतना जनता हूँ कि यदि जीवन मे सही दिशा और दशा की जानकारी से यदि आगे बढ़ा जाए तो अक्सर ऊंचाई वाले रास्तो पर निचले रास्तो से ज्यादा समय लगता हैं। जितनी ऊंची मंजिल होगी उतना समय ज्यादा लगेगा और दुखों और अपनों से ताने ज्यादा मिलेंगे। लेकिन आपको चलते जाना है एक दिन आप देर से ही सही दुरुस्त अपनी मंजिल तक पहुँच जाएंगे। 

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