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रिस्तो की छंटाई ही वास्तविक विकास।

 किसान या खेत का मालिक  पेड़ को बड़ा औऱ ऊंचा उठाने के लिए नीचे की टहनियां काट देते हैं। कारण नीचे की टहनियों से पेड़ ऊंचाई की तरफ नही बढ़ पता कारण उसका जुझाव नीचे की  टहनियों की तरफ रहता हैं। जबकि पेड़ को ऊंचा बढ़ाना हैं। जब तक पेड़ को ऊंचाई नही मिल सकती जब तक पेड़ के निचले हिस्से में भार कम नही होगा। और पेड़ का निचला भार कम होगा निचली टहनियों को कटाई छटाई से। जैसे किसान पेड़ के निचले हिस्से में कटाई करेगा पेड़ हल्का और निचली टहनियों को मिलने वाली खुराक पेड़ के ऊपर वाले हिस्से को मिलने लग जाती हैं। जिस भार से पेड़ दबा हुआ महसूस कर रहा था वो भार जैसे ही कट जाता हैं। 

पेड़ की ऊपर बढ़ने की शुरुवात हो जाती हैं। अब पेड़ नीचे नही देखता वर्ण ऊपर की तरफ देखता हैं। अब पेड़ के पास अपनी जड़ों के साथ साथ तना और विशेष शाखाये हैं। जोकि पानी,खाद और अन्य आवश्यक कार्यो के लिए जरूरी होती हैं। 
अब पेड़ को फ़्री होकर अपनी शाखाओ को ऊपर बढ़ने के लिए पर्याप्त कारण सही लग रहा हैं। अब पेड़ को अपने अगले जीवन की यात्रा के लिए पर्यापत कारण सही लग रहा हैं।
ठीक वैसे ही इंसान को अगर ऊपर उठना हैं आगे बढ़ना हैं या दुनिया मे कुछ विशेष करना हैं तो सबसे पहले लोकल रिस्ते व दोस्तो के साथ उठ बैठ खत्म करनी होगी। इसके बाद लगता हैं कि उसके रास्ते मे अन्य कोई भी रिश्ता रोड़ा बन रहा हैं। तो उसको भी तव्वजो देना बंद कर दो। जहाँ तक हो मूल रिस्तो के अलावा रिस्तो की टोकरी खाली रखो। ज्यादा रिस्तो के चक्कर मे आप अपना समय और मेहनत बेकार कर रहे हो। लोग आपको नही समझ सकतें। क्योकि लोग आपको सही दिशा और दशा के समय हल्के में लेंगे।
वो व्यक्ति कभी बड़ा या उच्च पद तक नही पहुच सकता जो लोकल और गैर रिस्तो की फेरिस्त भी साथ ढोता हो। 
जीवन मे जब सबकुछ लूट जाए तो समझो आपका आगे बढ़ने का समय अब आसान हो गया हैं क्योंकि जैसे ही आपके पास से धन और सुख जाएगा फालतू के दिखावे के रिस्ते और नाती यार दोस्त और अन्य पास भी नही फटकेंगे। ऐसे में आप समझ जाएंगे कि कौन आपका हैं कौन पराया हैं। आजकल तो पत्नी और बच्चे तक बिना आराम और व्यवस्था के रिश्ते रातो रात तोड़ देते हैं भाई हो या माता पिता या बहिन हो चाचा चाची या मामा मामी या अन्य।
तो फिर क्यों फालतू का समय देना हैं। सबको। क्यो फालतू में अपना अपमान और विकास ऐसे लोगो के लिए बर्बाद करना हैं। 
आज यह प्रण ले लो कि कैसे आपको अपने जीवन के मुख्य विकास को समय और तव्वजो देनी हैं अन्यथा यह दुनिया आपका मजाक और वो भी परिवार वाले देर नही लगाएंगे। 
जिस दिन दुनिया को यह पता चल जाएगा कि आप अब कोई काम के नही हैं समझो आपका पत्ता उसी दिन साफ। 
अब आपको सोचना हैं कि आप क्या करे और क्या नही। बाकी आपकी मर्जी।

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