जीवन मे दो वर्ग हैं। इंसान वही आगे बढ़ता है जो समय के मुताबिक चलता हैं। समय के मुताबिक अगर आप चल पड़े तो समझो आपका लक्ष्य हो या जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आप सफल हो सकते हैं। जीवन मे सदैव याद रखना कर्म अवश्य फलता हैं। कर्म दो तरह के होते है। वर्तमान और भविष्य निकट दृष्टि और दूर दृष्टि। निकट दृष्टि में आज पर इंसान जीता हैं। जोकि 90% स्वयं के लिए हो गया। जिसमें किसी भी प्रकार के बिना लक्ष्य के जीवन को जीना जिसमे धन ही केंद्र और जीवन का मुख्य सार ही संसार की भौतिकता को भोगने के लिए स्वयं को सबसे आगे रखता हैं। इस प्रकार का जीवन इंसान में ही नही वरण जीव जंतुओं और पशु पक्षियों में भी होता हैं। आप कभी अपने आसपास ध्यान से देखना की वनस्पति के कितने वर्ग हैं। तो आप पाएंगे कि एक वर्ग हैं जिसको बेल लता झाड़ झखाड़ और खेती की फसलें यही कुछ दिनों और महीनों में उग जाते हैं। लेकिन आपने जल्दी उगने वाले इस वर्ग का यदि सम्पूर्ण विवेचन करो तो आप पाएंगे कि किस्म और क्विलिटी के साथ साथ मुख्य गुणवत्ता भी साधारण से नीचे ही होती हैं। साथ ही इस वर्ग का जीवन चक्र भी ज्यादा लंबा नही होता।...
Moti Singh Rathore(Motivator Rathore) Motivation Speaker & Life Coach, Trainer & Writer जीवन का सबसे अच्छा सार अपने लिए जिओ ही मत। दुख और चिंता खत्म। जीवन को विशेष कार्य योजना में लगा दो। जीवन मे याद रखो 100% लोग जब राम,कृष्ण और अल्लाह से खुश नही हुए तो आप क्यो जूठी आशा में बैठे हो कि 100% लोग आपसे खुश होंगे। सबको खुश रखने के चक्कर मे न पड़ कर अपना जीवन सही और बेहतर कर्मो की तरफ मौड़ दो। मेरे विचारों से संतुष्ट हो या नही लेकिन विचार रखने की आजादी मेरा जन्म सीध अधिकार हैं वाल्तेयर