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Helicopter Booking Services

Helicopter Booking Services: मोकाजी हेली सेवा MOKAJI HELI SERVICES https://youtu.be/Lo_7F1312Vk हेलीकाप्टर जॉय राइड की कीमत क्या आपने कभी अपने विशेष दिन को अविस्मरणीय बनाने के लिए भारत में हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करके हवा में सवारी करने की कल्पना की है? यदि हां, तो भारत में हेलीकॉप्टर जॉय राइड के लिए हमसे संपर्क करने का यह सही समय

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आजका युवा और युग

  दोस्तों यह लेख मैं एक स्टडी और काफी रिसर्च के बाद लिख रहा हूँ।  विदेश की एक मैगज़ीन और वेबसाइट व संगठन ने एक स्टडी की जिसमे पाया कि पहले आर्थिक सक्षमता नही थी। ज्यादतर आबादी गरीब थी। लेकिन वर्धश्रम नही थे। बुजुर्गो की अवहेलना नही होती थी। युवा या पिछली पीढ़ी बुजुर्गो का सन्मान करती थी। जबकि आज आर्थिक सक्षमता ज्यादा हैं धरती की बड़ी आबादी आज रोजगार और धन से शारोबार हैं। हर प्रकार की सम्पनता हैं। धन और लाइफ स्टाइल भी अत्यधिक परिपक्व हैं।  नारी पढ़ लिख गयी। बच्चो को बड़े और उम्दा स्कूलों और कॉलेजो में शिक्षा भी दी। कच्चे घरो से आज ऊंचे और बड़े व लग्जरी व गाड़ी घोड़े व तमाम तरह की सुविधाएं मिल गयी लेकिन क्या आज का युग व आज के हम लोग पहले की तुलना में सुखी हैं।  क्या नारी के  शिक्षित होने और पर्दा प्रथा खत्म होने व नर के बराबर हक्क और आजादी से दुनिया सुखी हैं।  क्या बच्चो को माता पिता अपना निवाला मुँह से निकाल कर बड़े और महंगे स्कूलों और कॉलेजो में शिक्षा और अपने सपनो की कुर्बानी देकर आज बेटे बेटियों का आराम माता पिता को मिल रहा हैं।  क्या पति दिन रात मेहनत और हाल...

दहेज प्रथा

 आज की पोस्ट का शीर्षक है। दहेज प्रथा। लड़की और लड़के के जन्म से ही एक शब्द को जन्म मिल जाता हैं और वो शब्द हैं दहेज।  सदियों से इस दहेज शब्द ने कितने ही तांडव किये हैं और कही शांति के साथ परिवारों को संबल दिया।  जीवन की यात्रा में जब बच्चे बड़े होते हैं तो विरासत में मिली रीति और रिवाजो की धरोहर के मुताबिक यौवन में कदम रखती संतानों को वैवाहिक संबंधों में बांधने और संसार मे ग्रहस्थ जीवन को संबल देने के लिए विवाहो को संपादित किया जाता हैं।  सदियों से इस वैवाहिक परम्परा में दहेज अर्थात पिता अपनी पुत्री को जोकि जीवन के नए वैवाहिक क्षेत्र में कदम रखने जाती हैं तब पिता के घर से पुत्री के घर ससुराल के लिए कुछ आवश्यक वस्तुओं व नीतियों का संग्रह दिया जाता था जोकि उस समय के मुताबिक धातुओं में ही होता था।  जैसे उस समय सोना,चांदी,पीतल,तांबा, कांसा, और मिट्टी व लकड़ी के साथ साथ कपड़े आदि सहयोग वस्तुओं को देने की परंपरा थी।  इस परंपरा का कारण था कि पिता अपनी पुत्री को अपनी हैसियत के मुताबिक कुछ सहयोग और वो भी आवश्यक सामग्री और वस्तुएँ।  जीवन का सार और समय बदला। धातुओं क...

आशा अमर धन हैं।

हेलो, दोस्तो आप कैसे हैं।  मेरी तरफ से आपको आपके जीवन के लिए शुभकामना। दोस्तो,आज की पोस्ट का विषय हैं। "आशा अमर धन हैं". हम जीवन मे कई काम करते हैं। जीवन के लिए और अपनी सफलता और विकसा के लिए। नॉकरी,व्यापार,खेल।   लेकिन कभी कभी परिणाम हमारे मन मुताबिक नही आते। हम जैसा चाहते हैं। वैसा नही होता। लोग हमसे आगे निकल जाते हैं। कभी कभी हम बहुत कुछ करने के बाद भी मंजिल तक नही पहुंच पाते। कुछ तो बिना मेहनत के भी कहते मिलते हैं कि यार ऊपर वाला कितनी तकलीफ देगा। कब  ये होगा। कब वो होगा लेकिन मेहनत और मंजिल के लिए केवल मेहनत ही नही और भी बहुत कुछ होना चाहिए आपके तरकश में। जब आपके तरकश में सभी प्रकार के तीर होंगे तभी आप अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं। तरकश के तिरो में मेहनत,शिक्षा,समय,त्याग,तपस्या,लक्ष्य,योजना,आशा और दृढ़ता के साथ संकल्प व शांति के साथ उचित संस्कार और क्षमा और मुस्कान। ये है आपके लिए मंजिल तक पहुचने के तीर। इन् तिरो में सबसे बड़ा और उपयोगी तीर हैं आशा का। आशा ही अमर धन हैं। किसान आशा के कारण साल दर साल काल पड़ने के बाद में अपने जीवन को जीता हैं। और कभी अपने खेतों म...