Skip to main content

Helicopter Booking Services

Helicopter Booking Services: मोकाजी हेली सेवा MOKAJI HELI SERVICES https://youtu.be/Lo_7F1312Vk हेलीकाप्टर जॉय राइड की कीमत क्या आपने कभी अपने विशेष दिन को अविस्मरणीय बनाने के लिए भारत में हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करके हवा में सवारी करने की कल्पना की है? यदि हां, तो भारत में हेलीकॉप्टर जॉय राइड के लिए हमसे संपर्क करने का यह सही समय

Comments

Popular posts from this blog

दहेज प्रथा

 आज की पोस्ट का शीर्षक है। दहेज प्रथा। लड़की और लड़के के जन्म से ही एक शब्द को जन्म मिल जाता हैं और वो शब्द हैं दहेज।  सदियों से इस दहेज शब्द ने कितने ही तांडव किये हैं और कही शांति के साथ परिवारों को संबल दिया।  जीवन की यात्रा में जब बच्चे बड़े होते हैं तो विरासत में मिली रीति और रिवाजो की धरोहर के मुताबिक यौवन में कदम रखती संतानों को वैवाहिक संबंधों में बांधने और संसार मे ग्रहस्थ जीवन को संबल देने के लिए विवाहो को संपादित किया जाता हैं।  सदियों से इस वैवाहिक परम्परा में दहेज अर्थात पिता अपनी पुत्री को जोकि जीवन के नए वैवाहिक क्षेत्र में कदम रखने जाती हैं तब पिता के घर से पुत्री के घर ससुराल के लिए कुछ आवश्यक वस्तुओं व नीतियों का संग्रह दिया जाता था जोकि उस समय के मुताबिक धातुओं में ही होता था।  जैसे उस समय सोना,चांदी,पीतल,तांबा, कांसा, और मिट्टी व लकड़ी के साथ साथ कपड़े आदि सहयोग वस्तुओं को देने की परंपरा थी।  इस परंपरा का कारण था कि पिता अपनी पुत्री को अपनी हैसियत के मुताबिक कुछ सहयोग और वो भी आवश्यक सामग्री और वस्तुएँ।  जीवन का सार और समय बदला। धातुओं क...

आजका युवा और युग

  दोस्तों यह लेख मैं एक स्टडी और काफी रिसर्च के बाद लिख रहा हूँ।  विदेश की एक मैगज़ीन और वेबसाइट व संगठन ने एक स्टडी की जिसमे पाया कि पहले आर्थिक सक्षमता नही थी। ज्यादतर आबादी गरीब थी। लेकिन वर्धश्रम नही थे। बुजुर्गो की अवहेलना नही होती थी। युवा या पिछली पीढ़ी बुजुर्गो का सन्मान करती थी। जबकि आज आर्थिक सक्षमता ज्यादा हैं धरती की बड़ी आबादी आज रोजगार और धन से शारोबार हैं। हर प्रकार की सम्पनता हैं। धन और लाइफ स्टाइल भी अत्यधिक परिपक्व हैं।  नारी पढ़ लिख गयी। बच्चो को बड़े और उम्दा स्कूलों और कॉलेजो में शिक्षा भी दी। कच्चे घरो से आज ऊंचे और बड़े व लग्जरी व गाड़ी घोड़े व तमाम तरह की सुविधाएं मिल गयी लेकिन क्या आज का युग व आज के हम लोग पहले की तुलना में सुखी हैं।  क्या नारी के  शिक्षित होने और पर्दा प्रथा खत्म होने व नर के बराबर हक्क और आजादी से दुनिया सुखी हैं।  क्या बच्चो को माता पिता अपना निवाला मुँह से निकाल कर बड़े और महंगे स्कूलों और कॉलेजो में शिक्षा और अपने सपनो की कुर्बानी देकर आज बेटे बेटियों का आराम माता पिता को मिल रहा हैं।  क्या पति दिन रात मेहनत और हाल...

जीवन के दो वर्ग।

जीवन मे दो वर्ग हैं।   इंसान वही आगे बढ़ता है जो समय के मुताबिक चलता हैं। समय के मुताबिक अगर आप चल पड़े तो समझो आपका लक्ष्य हो या जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आप सफल हो सकते हैं।  जीवन मे सदैव याद रखना कर्म अवश्य फलता हैं। कर्म दो तरह के होते है। वर्तमान और भविष्य निकट दृष्टि और दूर दृष्टि। निकट दृष्टि में आज पर इंसान जीता हैं। जोकि 90% स्वयं के लिए हो गया। जिसमें किसी भी प्रकार के बिना लक्ष्य के जीवन को जीना जिसमे धन ही केंद्र और जीवन का मुख्य सार ही संसार की भौतिकता को भोगने के लिए स्वयं को सबसे आगे रखता हैं। इस प्रकार का जीवन इंसान में ही नही वरण जीव जंतुओं और पशु पक्षियों में भी होता हैं। आप कभी अपने आसपास ध्यान से देखना की वनस्पति के कितने वर्ग हैं।  तो आप पाएंगे कि एक वर्ग हैं जिसको बेल लता झाड़ झखाड़ और खेती की फसलें यही कुछ दिनों और महीनों में उग जाते हैं। लेकिन आपने जल्दी उगने वाले इस वर्ग का यदि सम्पूर्ण विवेचन करो तो आप पाएंगे कि किस्म और क्विलिटी के साथ साथ मुख्य गुणवत्ता भी साधारण से नीचे ही होती हैं। साथ ही इस वर्ग का जीवन चक्र भी ज्यादा लंबा नही होता।...